BREAKING
खबरें लोड हो रही हैं...
Home उत्तर प्रदेश प्राथमिक उपचार की जानकारी से बच सकती है जान:दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज में...

प्राथमिक उपचार की जानकारी से बच सकती है जान:दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज में छात्रों को बताए फर्स्ट एड के तरीके

0
1

दिग्विजयनाथ इंटरमीडिएट कॉलेज, चौक बाजार में विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह की प्रार्थना सभा में शिक्षकों और डॉक्टरों ने छात्र-छात्राओं को प्राथमिक उपचार की उपयोगिता समझाई। वक्ताओं ने कहा कि दुर्घटना या अचानक तबीयत बिगड़ने की स्थिति में डॉक्टर या एंबुलेंस के पहुंचने से पहले दी गई छोटी-सी मदद कई बार जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाती है। छात्रों को फर्स्ट एड बॉक्स में जरूरी सामान रखने और प्राथमिक उपचार की बुनियादी जानकारी हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। डॉक्टर के पहुंचने से पहले काम आता है प्राथमिक उपचार विद्यालय के शिक्षक बी.के. विमल ने छात्र-छात्राओं को बताया कि प्राथमिक उपचार किसी दुर्घटना या अचानक बीमारी की स्थिति में तुरंत दी जाने वाली शुरुआती मदद है। इसका उद्देश्य मरीज को तत्काल राहत देना और अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने तक उसकी स्थिति को संभालना होता है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक उपचार के छोटे-छोटे प्रयास भी मुश्किल समय में बड़ा असर डाल सकते हैं। फर्स्ट एड बॉक्स हर घर में होना जरूरी कार्यक्रम में बताया गया कि चोट लगने, जलने या अचानक तबीयत खराब होने पर फर्स्ट एड बॉक्स बेहद उपयोगी साबित होता है। अस्पताल पहुंचने से पहले शुरुआती उपचार देने के लिए इसमें जरूरी सामग्री उपलब्ध रहती है। डॉक्टरों ने छात्रों को सलाह दी कि घर, स्कूल और कामकाज की जगह पर फर्स्ट एड बॉक्स जरूर रखा जाना चाहिए। 2000 से मनाया जा रहा विश्व प्राथमिक उपचार दिवस वक्ताओं ने बताया कि विश्व प्राथमिक उपचार दिवस की शुरुआत वर्ष 2000 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटीज ने की थी। इसके बाद से हर साल सितंबर के दूसरे शनिवार को यह दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को प्राथमिक उपचार के महत्व के प्रति जागरूक करना और उन्हें आपात स्थिति में मदद करने के लिए तैयार करना है। डॉ. सत्येंद्र ने छात्रों से सीखने की अपील की जगदौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर सत्येंद्र त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं से प्राथमिक उपचार के बुनियादी तरीके सीखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि आम लोगों को शुरुआती उपचार की जानकारी हो तो दुर्घटना या आपात स्थिति में मरीज को तत्काल मदद दी जा सकती है। इससे उसे सुरक्षित तरीके से अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। फर्स्ट एड बॉक्स में ये सामान रखने की सलाह डॉ. सत्येंद्र त्रिपाठी ने कहा कि हर घर में फर्स्ट एड बॉक्स होना चाहिए। इसमें कैंची, छोटी टॉर्च, सैनिटाइजर, डिटॉल, चिमटी, डिजिटल थर्मामीटर और ओआरएस के पैकेट जैसी सामान्य उपयोग की सामग्री रखी जा सकती है। जरूरत के समय यही सामान तत्काल प्राथमिक सहायता देने में उपयोगी साबित हो सकता है। शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे कार्यक्रम में जगदौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. यशोदा पटेल भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी छात्रों को प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं और ज्यादातर छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें आपात स्थिति में किसी जरूरतमंद की मदद करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करना भी रहा।