श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध बाबा झारखंडी नाथ मंदिर में सोमवार को कजरी तीज पर्व पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह करीब 4 बजे से ही मंदिर परिसर में भक्तों का आना शुरू हो गया था। दिन चढ़ने के साथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कजरी तीज के मौके पर मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में शिवभक्त हाथों में जल लेकर बाबा झारखंडी नाथ के दरबार पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल, दूध, बेलपत्र और फूल चढ़ाए। मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें भी लगी रहीं। इस पर्व को लेकर महिलाओं में भी काफी उत्साह दिखा। सुहागिन महिलाएं सुबह से ही पूजा की तैयारी के साथ मंदिर पहुंचीं। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। कजरी तीज का धार्मिक महत्व भी खास माना जाता है। यह पर्व भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इसे भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और परिवार में समृद्धि आती है। कई जगहों पर महिलाएं कजरी तीज पर पारंपरिक कजरी गीत गाती हैं और रीति-रिवाजों के साथ पर्व मनाती हैं। शिवभक्त भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था दिखाते हुए मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं। कजरी तीज को लेकर बाबा झारखंडी नाथ मंदिर में सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार गूंजते ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा वातावरण शिवमय दिखा।
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