रूपेन्द्र सिंह | कप्तानगंज(बस्ती ), बस्ती13 मिनट पहले
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बस्ती जिले के कप्तानगंज ब्लॉक के महराजगंज में करीब 20 दिन बाद यूरिया खाद पहुंची। खाद आते ही समिति पर किसानों की भीड़ लग गई।
धान की फसल के लिए इस समय यूरिया की बहुत जरूरत है। खाद आने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में किसान समिति पर पहुंच गए। पूरे दिन किसान खाद लेने के लिए इंतजार करते रहे।
समिति को कुल 500 बोरी यूरिया मिली है। इसमें से करीब 100 बोरी यूरिया किसानों को बांटी जा चुकी है। अभी 400 बोरी खाद का वितरण बाकी है। समिति के सचिव सुनील पांडे ने बताया कि किसानों को उनके खेत के रकबे के हिसाब से खाद दी जा रही है।
कुछ किसानों को खाद नहीं मिल पाई। उन्हें बताया गया कि उनके खेत के रकबे के हिसाब से तय मात्रा की यूरिया वे पहले ही ले चुके हैं। एक किसान ने आरोप लगाया कि जब वह खाद लेने पहुंचा, तो उसे बताया गया कि उसके रकबे के हिसाब से दो बोरी यूरिया पहले ही ली जा चुकी है। इसलिए अब उसे और खाद नहीं मिल सकती।
इस मामले पर समिति के सचिव सुनील पांडे ने सफाई दी। उन्होंने बताया कि एक हेक्टेयर खेत के लिए सात बोरी यूरिया और पांच बोरी डीएपी देने का नियम है। संबंधित किसान के रकबे के हिसाब से उसे दो बोरी यूरिया मिलनी थी, जो वह पहले ही ले चुका था। इसी कारण उसे दोबारा खाद नहीं दी गई।
समिति पर पहुंचे किसान मनोज सिंह, दिनेश, राहुल और चैतन्य समेत कई अन्य किसानों को यूरिया खाद मिली। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए इस समय यूरिया की बहुत जरूरत है। ऐसे में समय पर खाद मिलना जरूरी है।
करीब 20 दिन बाद खाद आने से किसानों को राहत मिली है। हालांकि, समिति पर उमड़ी भीड़ से खाद की भारी मांग का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल समिति के पास 400 बोरी यूरिया अभी बची है।
































