सिसवारा गांव के पास राप्ती नदी का कटान लगातार जारी है। तेज बहाव के कारण करीब 37 करोड़ रुपए की लागत से बने सिसवारा घाट पुल के अप्रोच मार्ग के करीब एक फीट अंदर तक पानी पहुंच गया है। इससे नई बनी सड़क और पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राप्ती नदी किनारे की जमीन को लगातार काट रही है। अगर कटान पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो अप्रोच मार्ग को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सड़क क्षतिग्रस्त होने पर गिलौला क्षेत्र के सैकड़ों गांवों का आवागमन प्रभावित हो सकता है और उनका संपर्क भी टूट सकता है। प्रशासन ने शुरू कराया बचाव कार्य स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कटान प्रभावित हिस्से में बचाव कार्य शुरू करा दिया है। नदी के तेज बहाव को सड़क और पुल की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए मौके पर सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। फिलहाल बचाव कार्य के जरिए नई सड़क और पुल को सुरक्षित रखने का प्रयास जारी है। ग्रामीणों में चिंता, काम तेज करने की मांग राप्ती के लगातार कटान को लेकर आसपास के ग्रामीणों में भी चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य और तेज कराने की मांग की है, ताकि सिसवारा घाट पुल और उसके अप्रोच मार्ग को नुकसान से बचाया जा सके और सैकड़ों गांवों का संपर्क बना रहे।
37 करोड़ के सिसवारा घाट पुल पर मंडराया संकट:सिसवारा में पुल के अप्रोच मार्ग तक पहुंचा राप्ती का पानी, खतरे में नई सड़क
सिसवारा गांव के पास राप्ती नदी का कटान लगातार जारी है। तेज बहाव के कारण करीब 37 करोड़ रुपए की लागत से बने सिसवारा घाट पुल के अप्रोच मार्ग के करीब एक फीट अंदर तक पानी पहुंच गया है। इससे नई बनी सड़क और पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राप्ती नदी किनारे की जमीन को लगातार काट रही है। अगर कटान पर जल्द काबू नहीं पाया गया तो अप्रोच मार्ग को नुकसान पहुंचने की आशंका है। सड़क क्षतिग्रस्त होने पर गिलौला क्षेत्र के सैकड़ों गांवों का आवागमन प्रभावित हो सकता है और उनका संपर्क भी टूट सकता है। प्रशासन ने शुरू कराया बचाव कार्य स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कटान प्रभावित हिस्से में बचाव कार्य शुरू करा दिया है। नदी के तेज बहाव को सड़क और पुल की तरफ बढ़ने से रोकने के लिए मौके पर सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं। फिलहाल बचाव कार्य के जरिए नई सड़क और पुल को सुरक्षित रखने का प्रयास जारी है। ग्रामीणों में चिंता, काम तेज करने की मांग राप्ती के लगातार कटान को लेकर आसपास के ग्रामीणों में भी चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य और तेज कराने की मांग की है, ताकि सिसवारा घाट पुल और उसके अप्रोच मार्ग को नुकसान से बचाया जा सके और सैकड़ों गांवों का संपर्क बना रहे।





































