श्रावस्ती के भिनगा-मल्हीपुर मार्ग पर सफर करना इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। साल 2025 की बाढ़ में करीब 10 से 15 किलोमीटर तक सड़क कई जगह से टूट गई थी। एक साल बीतने के बाद भी सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी है। बारिश के कारण जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और हादसे का खतरा बना रहता है। यह सड़क आसपास के गांवों को जमुनहा तहसील मुख्यालय से होते हुए जिला मुख्यालय भिनगा से जोड़ती है। रोजाना हजारों लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भरने के साथ कीचड़ भी जमा हो जाता है, जिससे बाइक सवारों के लिए रास्ता और मुश्किल हो जाता है। दयाराम बोले- गड्ढे भरते हैं, कुछ दिन बाद फिर वही हाल राहगीर दयाराम ने बताया कि वर्ष 2025 से सड़क कई जगह टूटी हुई है। विभाग की ओर से समय-समय पर गड्ढों को भर दिया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद सड़क फिर उखड़ जाती है। एक अन्य राहगीर ने बताया कि रात के समय पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते। इस वजह से कई बार लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कीचड़ में बाइक फिसलने का डर, परिवार को उतारकर पैदल चलना पड़ता है स्थानीय नागरिक पिंटू वर्मा ने बताया कि बारिश में सड़क पर गड्ढों के साथ कीचड़ जमा हो जाता है। इससे बाइक फिसलने का खतरा बना रहता है। राहगीर नसरुद्दीन ने बताया कि कई बार बाइक से परिवार के सदस्यों को उतारकर उन्हें पैदल चलना पड़ता है। उन्हें डर रहता है कि खराब सड़क पर बाइक फिसली तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की मांग- खानापूर्ति छोड़ सड़क का स्थायी समाधान हो ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बार-बार अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि गड्ढे भरने तक ही काम सीमित रह जाता है और कुछ दिनों बाद सड़क फिर खराब हो जाती है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से भिनगा-मल्हीपुर मार्ग का स्थायी निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक लोगों को इसी बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा।
2025 की बाढ़ में टूटी सड़क, नहीं हुई मरम्मत:स्थायी मरम्मत न होने से राहगीर परेशान, गड्ढों में भरा पानी, हादसे का डर
श्रावस्ती के भिनगा-मल्हीपुर मार्ग पर सफर करना इन दिनों राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। साल 2025 की बाढ़ में करीब 10 से 15 किलोमीटर तक सड़क कई जगह से टूट गई थी। एक साल बीतने के बाद भी सड़क की स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी है। बारिश के कारण जगह-जगह बने गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और हादसे का खतरा बना रहता है। यह सड़क आसपास के गांवों को जमुनहा तहसील मुख्यालय से होते हुए जिला मुख्यालय भिनगा से जोड़ती है। रोजाना हजारों लोग इस मार्ग से आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत लंबे समय से खराब है। बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भरने के साथ कीचड़ भी जमा हो जाता है, जिससे बाइक सवारों के लिए रास्ता और मुश्किल हो जाता है। दयाराम बोले- गड्ढे भरते हैं, कुछ दिन बाद फिर वही हाल राहगीर दयाराम ने बताया कि वर्ष 2025 से सड़क कई जगह टूटी हुई है। विभाग की ओर से समय-समय पर गड्ढों को भर दिया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद सड़क फिर उखड़ जाती है। एक अन्य राहगीर ने बताया कि रात के समय पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते। इस वजह से कई बार लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कीचड़ में बाइक फिसलने का डर, परिवार को उतारकर पैदल चलना पड़ता है स्थानीय नागरिक पिंटू वर्मा ने बताया कि बारिश में सड़क पर गड्ढों के साथ कीचड़ जमा हो जाता है। इससे बाइक फिसलने का खतरा बना रहता है। राहगीर नसरुद्दीन ने बताया कि कई बार बाइक से परिवार के सदस्यों को उतारकर उन्हें पैदल चलना पड़ता है। उन्हें डर रहता है कि खराब सड़क पर बाइक फिसली तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों की मांग- खानापूर्ति छोड़ सड़क का स्थायी समाधान हो ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बार-बार अस्थायी मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि गड्ढे भरने तक ही काम सीमित रह जाता है और कुछ दिनों बाद सड़क फिर खराब हो जाती है। लोगों ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से भिनगा-मल्हीपुर मार्ग का स्थायी निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर कब तक लोगों को इसी बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ेगा।

















































