अहमदाबाद: अहमदाबाद के एक बुजुर्ग पिता को करीब 13 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार बड़ी राहत मिली है। अदालत ने अपने ऐतिहासिक फैसले में बुजुर्ग व्यक्ति के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें अपनी ही मेहनत की कमाई से बनाए गए घर से बेटे और बहू को बाहर निकालने का कानूनी अधिकार दे दिया है। शहर की सिविल कोर्ट ने इस जोड़े को घर खाली करने के लिए 90 दिनों का समय दिया है।
क्या था पूरा पारिवारिक विवाद और मामला?
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शादी और पारिवारिक कलह: बुजुर्ग व्यक्ति के बेटे और बहू का विवाह साल 2002 में हुआ था। शादी के बाद से ही घर में आपसी कलह और पति-पत्नी के बीच लगातार झगड़े होने लगे।
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रहने की व्यवस्था: यह पूरा परिवार एक ही घर में रहता था, जहां बुजुर्ग पिता पहली मंजिल पर निवास करते थे, जबकि बेटा और बहू ग्राउंड फ्लोर पर रहते थे। विवाद बढ़ने के बाद पति-पत्नी अलग-अलग कमरों में रहने लगे और तंग आकर बेटे ने अदालत में तलाक की अर्जी भी दाखिल कर दी।
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पिता का कानूनी कदम: घर में लगातार होने वाले झगड़ों और तनावपूर्ण माहौल से परेशान होकर बुजुर्ग पिता ने साल 2013 में सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि उन्हें अपने ही घर से बेटे और बहू को बेदखल करने का अधिकार दिया जाए, जिस पर अब 13 साल बाद फैसला आया है।
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