नई दिल्ली। यूथ कांग्रेस ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करने की इजाजत न देने के दिल्ली पुलिस के फैसले को चुनौती दी गई है। याचिका यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने दायर की है।
उच्च न्यायालय याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। चिब ने दिल्ली पुलिस के एक अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया था। याचिका में कहा गया है कि यूथ
कांग्रेस ने 25 सितंबर को लगभग सौ-डेढ़ सौ लोगों के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। यूथ कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस को दी अपनी अर्जी में कहा था कि वह सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी सभी कानूनी शर्तों का पालन करेगा।
याचिका में कहा गया है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद, पुलिस ने एक अक्टूबर को ही अनुमति न देने की जानकारी दी, जो प्रदर्शन के लिए प्रस्तावित पहली तारीख भी थी। याचिका में यह तर्क दिया गया है कि सभाओं को नियंत्रित करने की पुलिस की शक्ति का मतलब यह नहीं है कि वह हालात का अलग-अलग और उचित आकलन किए बिना पूरी तरह से रोक लगा दे।
याचिका में कहा गया है कि दिल्ली पुलिस का फैसला संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) और 19(1)(बी) के तहत अभिव्यक्ति की आजादी और शांतिपूर्ण ढंग से एकत्र होने के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में कहा गया है कि विरोध-प्रदर्शन और सभाओं से जुड़े दिशा-निर्देशों को बिना सोचे-समझे लागू किया जाना मनमाना है।











































