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बस्ती के हर्रैया में RSS का युवा संवाद:कर्तव्यों और पर्यावरण संरक्षण पर जोर, युवाओं को बताए राष्ट्र निर्माण के मंत्र

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बस्ती के हर्रैया स्थित रामनाथ राममनोरथ इंटर कॉलेज में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और कर्तव्यबोध का संदेश दिया गया। मुख्य वक्ता डॉ. विनोद कुमार शुक्ल ने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ देश और समाज के विकास में योगदान देने की अपील की। दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण से शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य वक्ता डॉ. विनोद कुमार शुक्ल, प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र मिश्र और प्रधानाध्यापिका सत्यभामा मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इसके बाद भारत माता और स्वामी विवेकानंद के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘वंदे मातरम्’ से हुआ। शिकागो भाषण की याद दिलाई डॉ. विनोद कुमार शुक्ल ने कहा कि 11 सितंबर 1893 का दिन भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण है। इसी दिन स्वामी विवेकानंद ने शिकागो धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण देकर दुनिया के सामने भारत की संस्कृति और विचार परंपरा को प्रभावी ढंग से रखा था। उन्होंने युवाओं को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण पर जोर मुख्य वक्ता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना और उसके उद्देश्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में संघ की स्थापना व्यक्ति निर्माण और संगठित समाज के माध्यम से भारत को मजबूत बनाने के उद्देश्य से की थी। उन्होंने युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से दूर रहने की अपील डॉ. शुक्ल ने विद्यार्थियों से राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से दूर रहने और अपने कर्तव्यों को समझने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को भी युवाओं की जिम्मेदारी बताया। कहा कि युवा अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का इस्तेमाल समाज के सकारात्मक बदलाव में करें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति और सामूहिक भावना पर चर्चा प्रधानाचार्य डॉ. सुरेंद्र मिश्र ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों में सामूहिक भावना और सहयोग की प्रवृत्ति विकसित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए और संवाद में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों ने युवाओं की भूमिका, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को साझा किया।