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एचटी लाइन से झुलसकर बंदर की मौत:महराजगंज के पिपरा खादर में ग्रामीणों ने हिंदू रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार

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महराजगंज के परतावल विकास खंड के पिपरा खादर गांव में 11 हजार वोल्ट के बिजली तार की चपेट में आने से एक बंदर की मौत हो गई। घटना भिटौली थाना क्षेत्र की है। बंदर की मौत की खबर गांव में फैलते ही ग्रामीण मौके पर जुट गए। धार्मिक आस्था से जुड़े बंदर की मौत से लोगों में दुख का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने उसे सम्मान देने का फैसला किया और हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किया। 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आया बंदर ग्रामीणों के मुताबिक, बंदर गांव में घूम रहा था। इसी दौरान वह 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग वहां पहुंच गए और बंदर के शव को देखा। मौत की खबर से गांव में छाया मातम बंदर की मौत की जानकारी मिलते ही गांव में संवेदना का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। लोगों ने घटना पर दुख जताया। ग्रामीणों ने कहा कि बंदर को धार्मिक आस्था के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, इसलिए उसकी मौत के बाद उसे सम्मान देना जरूरी समझा गया। ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार का लिया फैसला ग्रामीणों ने आपसी सहमति से बंदर का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया। इसके बाद पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने धार्मिक परंपराओं के अनुसार अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में जुटे गांव के लोग अंतिम संस्कार के दौरान राकेश गौड़, अंगद, मनोज गुप्ता, गुड्डू, करण, कृष्णा, संजय, ओमकार, फूलबदन और सुकई समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने बंदर के प्रति सम्मान जताते हुए अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के कारण दिया सम्मान ग्रामीणों का कहना है कि हिंदू धर्म में बंदर को धार्मिक आस्था से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से उसकी मौत के बाद ग्रामीणों ने उसे लावारिस छोड़ने के बजाय सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। इस दौरान गांव के लोगों में भावुकता का माहौल रहा। बिजली के तारों को लेकर भी उठे सवाल घटना के बाद ग्रामीणों के बीच बिजली के तारों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई। लोगों का कहना है कि आबादी और आसपास के क्षेत्रों में बिजली के तारों की स्थिति पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचाव हो सके। ग्रामीणों ने बंदर की मौत पर दुख जताते हुए उसे अंतिम विदाई दी।