
बहराइच में ग्राम प्रधानों और पंचायत प्रतिनिधियों का अनिश्चितकालीन धरना 15 दिन के लिए टाल दिया गया है। यह धरना पंचायत विकास मंच के नेतृत्व में 10 सितंबर से चल रहा था। शुक्रवार देर रात प्रभारी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया। मंच ने साफ किया कि धरना सिर्फ टाला गया है, आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। धरना स्थल पर प्रभारी मंत्री के साथ प्रधान प्रतिनिधियों की बातचीत हुई। इस दौरान महसी, पयागपुर, बलहा और नानपारा के विधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, एमएलसी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी भी मौजूद थे। मंच के संयोजक सूरज शुक्ला और सह संयोजक डॉ. श्याम चौधरी ने ग्राम प्रधानों की नौ सूत्रीय मांगें और उनकी समस्याएं विस्तार से बताईं। शांतिपूर्ण तरीके से होगा आंदोलन प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले स्तर की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि शासन स्तर की मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा और उन पर जरूरी कार्रवाई होगी। इसके बाद पंचायत विकास मंच ने 15 दिन के लिए धरना टालने का ऐलान किया। संयोजक सूरज शुक्ला ने बताया कि यह धरना सरकार के विरोध में नहीं था। यह ग्राम प्रधानों की सही मांगों के समाधान के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में मनरेगा से जुड़े करोड़ों रुपये का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। इसके साथ ही पंचायत प्रतिनिधियों की दूसरी समस्याओं के समाधान की भी मांग की जा रही है। सह संयोजक डॉ. श्याम चौधरी ने कहा कि 15 दिन बाद मांगों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। अगर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो मंच फिर से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेगा।








































