श्रावस्ती में मारपीट और गाली-गलौज के एक मामले में अदालत ने तीन लोगों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने तीनों को न्यायालय उठने तक जेल की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक दोषी पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला साल 2018 का है। सिरसिया थाने में एनसीआर संख्या 143/2018 दर्ज की गई थी। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (मारपीट) और 504 (गाली-गलौज) से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई थी। दोषियों की पहचान राधेश्याम उर्फ मदारी पुत्र बाबादीन, श्यामता की पत्नी और बाबादीन की पत्नी के तौर पर हुई है। ये सभी श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना क्षेत्र के डोमाई गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने श्यामता की पत्नी और बाबादीन की पत्नी के व्यक्तिगत नाम नहीं बताए हैं। इस मामले में पुलिस ने अदालत में मजबूत पैरवी की। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने जिले में चल रहे मामलों की निगरानी करते हुए अधिकारियों को प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह और संबंधित अधिकारियों ने मामले की पैरवी की। गुरुवार को श्रावस्ती के न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार साहनी ने इस मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों को दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक जेल की सजा दी और प्रत्येक पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत की गई है। इस अभियान का मकसद लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करके दोषियों को अदालत से सजा दिलाना है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में आगे भी मजबूत पैरवी जारी रहेगी।
श्रावस्ती में मारपीट-गाली-गलौज के तीन दोषियों को सजा:कोर्ट उठने तक जेल और एक-एक हजार रुपये का जुर्माना
श्रावस्ती में मारपीट और गाली-गलौज के एक मामले में अदालत ने तीन लोगों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने तीनों को न्यायालय उठने तक जेल की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक दोषी पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह मामला साल 2018 का है। सिरसिया थाने में एनसीआर संख्या 143/2018 दर्ज की गई थी। यह भारतीय दंड संहिता की धारा 323 (मारपीट) और 504 (गाली-गलौज) से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई थी। दोषियों की पहचान राधेश्याम उर्फ मदारी पुत्र बाबादीन, श्यामता की पत्नी और बाबादीन की पत्नी के तौर पर हुई है। ये सभी श्रावस्ती जिले के सिरसिया थाना क्षेत्र के डोमाई गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने श्यामता की पत्नी और बाबादीन की पत्नी के व्यक्तिगत नाम नहीं बताए हैं। इस मामले में पुलिस ने अदालत में मजबूत पैरवी की। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने जिले में चल रहे मामलों की निगरानी करते हुए अधिकारियों को प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह और संबंधित अधिकारियों ने मामले की पैरवी की। गुरुवार को श्रावस्ती के न्यायिक मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार साहनी ने इस मामले में फैसला सुनाया। अदालत ने तीनों को दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक जेल की सजा दी और प्रत्येक पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत की गई है। इस अभियान का मकसद लंबित मामलों में प्रभावी पैरवी करके दोषियों को अदालत से सजा दिलाना है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में आगे भी मजबूत पैरवी जारी रहेगी।




































