
बहराइच के जरवल रोड इलाके में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मुस्तफाबाद में तैनात एक डॉक्टर पर लापरवाही और गलत दवाएं देने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर निजी अस्पताल को सील कर दिया गया है। पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में ग्राम सपसा निवासी उदयवीर सिंह ने बताया कि उनके छोटे भाई धर्मवीर सिंह की पत्नी ऋचा सिंह गर्भवती थीं। छह सितंबर रविवार को परिजन उन्हें प्रसव के लिए पहले सीएचसी मुस्तफाबाद लेकर पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि वहां तैनात डॉक्टर कल्पना साहू ने ऋचा सिंह को अपने निजी अस्पताल ‘आरोग्य विकल्प रिठौरा केंद्र’, जरवल रोड ले जाने की सलाह दी। परिजनों ने बताया कि डॉक्टर कल्पना साहू ने उसी अस्पताल में ऋचा सिंह का इलाज शुरू किया। आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई और ओवरडोज दवाएं दी गईं। इसी दौरान रात करीब 10 बजे ऋचा सिंह की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों में दुख छा गया। उन्होंने तुरंत पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उस निजी अस्पताल को सील कर दिया। सीएचसी प्रभारी रितेश सिंह ने बताया कि कल्पना साहू और विजय साहू पति-पत्नी दोनों संविदा कर्मचारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शुरुआती जांच के बाद निजी अस्पताल को सील किया गया है। वहीं थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।


















































