बस्ती गणेशपुर पंचायत के मझरिया गांव में विकास के दावे जमीन पर खोखले नजर आ रहे हैं। गांव की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि विकास कार्य केवल कागजों तक ही सीमित हैं। ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। गांव में जगह-जगह नालियां नहीं हैं और कई रास्तों पर खड़ंजे भी नहीं हैं। इसके कारण घरों के सामने गंदा पानी जमा रहता है। पानी निकलने की सही व्यवस्था न होने से लोगों को रोज कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। गांव में स्थित अंबेडकर पार्क भी खराब हालत में है। पार्क की साफ-सफाई न होने के कारण वहां कचरा जमा रहता है। वहीं, विकास कार्यों की अनदेखी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि कई स्थानों पर बड़े-बड़े पौधे उग गए हैं। ग्रामीणों ने शौचालयों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब से शौचालय बना है तब से उस में ताला लगा रहता है, जिससे जरूरतमंदों को दिक्कत होती है। ग्रामीणों को आशंका है कि लंबे समय तक जलभराव और गंदगी की समस्या बनी रही तो गांव गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकता है। अब सवाल यह है कि जिम्मेदार विकास के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन मझरिया गांव की इन समस्याओं का समाधान कब होगा?
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