
बहराइच जिले के महसी क्षेत्र में बाढ़ से घिरे गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने राहत अभियान चलाया है। विभाग की टीम ने बाढ़ प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर जरूरी दवाएं बांटीं। साथ ही दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए ग्रामीणों को क्लोरीन भी दी गई। टीम ने लोगों को साफ-सफाई और सुरक्षित पीने के पानी के प्रति जागरूक भी किया। उन्हें बताया गया कि बाढ़ के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जोधेपुरवा, महंतपुरवा, जानकीनगर, पूरे प्रसाद और पूरे गंगा प्रसाद समेत कई बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। इस दौरान घर-घर जाकर जरूरतमंद ग्रामीणों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली गई और जरूरत के हिसाब से दवाएं दी गईं। बाढ़ के कारण पीने के पानी के स्रोतों के दूषित होने की आशंका है। इसे देखते हुए ग्रामीणों को पानी सुरक्षित रखने के लिए क्लोरीन भी उपलब्ध कराई गई। टीम में डॉक्टर मकबूल अहमद और फार्मासिस्ट अरुण कुमार यादव ने ग्रामीणों को दवाएं बांटीं। वहीं, स्वास्थ्य कार्यकर्ता बंसीलाल और अमरजीत ने ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान साफ-सफाई रखने, आसपास पानी जमा न होने देने और संक्रामक रोगों से बचने के तरीके बताए। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को सलाह दी कि बाढ़ के दौरान दूषित या खुले स्रोत का पानी पीने से बचें। पीने के पानी को क्लोरीन मिलाकर या अच्छी तरह उबालकर ही इस्तेमाल करें। भोजन को ढककर रखें और अपनी साफ-सफाई का खास ध्यान दें। टीम ने ग्रामीणों से कहा कि अगर उल्टी-दस्त, बुखार, त्वचा संबंधी संक्रमण या कोई और बीमारी के लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर इलाज कराएं। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को वहीं पर जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकी।






































