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नेपाल बाढ़ के बाद सोनौली सीमा पर लंबा जाम:मालवाहक वाहनों की कतार, काठमांडू-पोखरा मार्ग प्रभावित; पर्यटक भी नेपाल जाने से बच रहे

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26 अगस्त को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के 14 दिन बाद भी सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम जारी है। इसका असर भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र में साफ दिख रहा है। बुधवार सुबह सोनौली सीमा पर नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों की कतार 12 किलोमीटर तक पहुंच गई, जिससे ट्रक चालकों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से संपर्क मार्ग टूट गए हैं। राहत और बचाव अभियान के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। नेपाल के अंदर कई मुख्य मार्ग खराब होने से काठमांडू और पोखरा जैसे शहरों में सामान पहुंचाने में दिक्कत आ रही है। हालांकि, जरूरी चीजों की सप्लाई बनाए रखने के लिए मालवाहक वाहनों की आवाजाही जारी है। बाढ़ के बाद नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। सोनौली सीमा पर पर्यटक वाहनों की आवाजाही करीब 10 प्रतिशत तक घट गई है। काठमांडू और पोखरा जाने वाले यात्रियों को रास्ते की हालत और सुरक्षा को लेकर अभी भी चिंता है। वहीं, लुंबिनी, भैरहवा और आसपास के इलाकों में जाने वाले यात्रियों की आवाजाही पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। सोनौली सीमा पर तैनात एजेंसियां नेपाल जाने वाले वाहनों पर नजर रख रही हैं। व्यापारी और ट्रांसपोर्टर अब नेपाल के अंदर संपर्क मार्गों के पूरी तरह ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद है कि रास्ते सुचारु होने के बाद ही मालवाहक वाहनों की कतार कम होगी और पर्यटक गतिविधियों में तेजी आएगी। भैरहवा कस्टम चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि पर्यटक वाहनों की कमी हुई है और मालवाहक वाहन भी ठीक से नहीं चल रहे हैं। सोनौली थाना अध्यक्ष महेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि नेपाल के अधिकारियों से मालवाहक ट्रकों के लिए लगातार बात की जा रही है। स्थिति सामान्य नहीं हो पाई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों और पुलों की मरम्मत का कार्य जारी है, जिसका असर भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र में भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। आज सुबह बुधवार को सोनौली सीमा पर नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों की कतार 12 किलोमीटर तक पहुंच गई है, जिससे ट्रक चालकों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग समेत कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन ने संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचाया है। राहत एवं खोज-बचाव अभियान के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़‌कों और पुलों की मरम्मत का कार्य चल रहा है। नेपाल के अंदर कई प्रमुख मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से काठमांडू और पोखरा जैसे क्षेत्रों में माल पहुंचाने की व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसके बावजूद आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनाए रखने के के लिए मालवाहक वाहनों की आवाजाही जारी पर्यटक वाहनों की आवाजाही में भारी कमी, नेपाल जाने से बच रहे लोग मालवाहक वाहनों की बढ़ी संख्या से सीमा पर बढ़ गया है दवाव है। सोनौली-बेलहिया सीमा पर बहनों की बढ़ती संख्या का दबाव अब कतार के रूप में दिखाई दे रहा है। कस्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद भीनेपाल के अंदर मार्ग की स्थिति और आगे बढ़ने की व्यवस्था के कारण वाहनों की गति प्रभावित हो रही है। बाढ़ के बाद नेपाल जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी कमी आई है। सोनौली सीमा पर पर्यटक बहनों की आवाजाही लगभग १० प्रतिशत तक घट गई है। काठमांडू और पोखरा जाने वाले यात्रियों में मार्ग की स्थिति और सुरक्षा को लेकर संशय बना हुआ है। इसके विपरीत, लुंबिनी, भैरहवा और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों की आवाजाही अपेक्षाकृत बनी हुई है। सोनौली सीमा पर तैनात एजेंसियां नेपाल जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर नजर रख रही हैं। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों की निगाह अब नेपाल के अंदर संपर्क मार्गों की बहाली पर टिकी हुई है। मार्ग पूरी तरह सुचारू होने के बाद ही मालवाहक वाहनों की कतार कम होने और पर्यटक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। फिलहाल, 12 किलोमीटर लंबी कतार नेपाल में बाड़ के बाद उत्पन्न परिवहन व्यवस्था की चुनौती को स्पष्ट रूप से दर्शा रही है। भैरहवा कस्टम चीफ हरिहर पौडेल ने बताया कि पर्यटक वाहनों की कमी हुई है और मालवाहक बहन भी सुचारु रूप से नहीं चल रहे हैं।