महाराजगंज में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित MDR शुल्क का विरोध किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के जरिए एक ज्ञापन भेजा है, जिसमें इस शुल्क व्यवस्था पर फिर से विचार करने की मांग की गई है। व्यापार मंडल का कहना है कि यूपीआई आज व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान का एक जरूरी माध्यम बन गया है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर MDR शुल्क लगने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। संगठन ने यह भी कहा कि इससे छोटे और मध्यम व्यापारियों के साथ-साथ आम ग्राहकों पर भी अप्रत्यक्ष रूप से असर पड़ सकता है। इससे डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों पर भी असर पड़ेगा। व्यापार मंडल ने सरकार से मांग की है कि यूपीआई के जरिए होने वाले व्यापारी लेनदेन पर प्रस्तावित MDR शुल्क लागू न किया जाए। साथ ही, व्यापारियों से किसी भी तरह का अतिरिक्त डिजिटल भुगतान शुल्क न लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी शुल्क व्यवस्था लागू करने से पहले व्यापारी संगठनों से ठीक से सलाह ली जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए जरूरी कदम उठाए। इससे डिजिटल भुगतान व्यवस्था के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों पर गैरजरूरी आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इस दौरान जिला अध्यक्ष अनिल कुमार, सुरेंद्र गुप्ता, विनोद यादव, अजय राज कसौधन, सदरे आलम, डॉक्टर सूरज सिंह और संजय कुमार पांडेय समेत कई व्यापारी मौजूद रहे।
यूपीआई लेनदेन पर MDR शुल्क का विरोध:बोले- इससे व्यापारियों पर बढ़ेगा बोझ, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के प्रयास होंगे प्रभावित
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