
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर पिपरा कला के मंदिर प्रांगण में कमरछठ पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। गांव की महिलाओं ने एक जगह इकट्ठा होकर सामूहिक रूप से कमरछठ की पूजा की। मान्यता है कि इस दिन माताएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत रखकर कमरछठ माता और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। पूजा के दौरान महिलाओं ने चौक पूरकर उसमें कांस के फूल, पलाश की टहनी और शिवलिंग बनाया। इसके बाद उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस पूजा में टोकरी, फूल, फल और श्रृंगार सामग्री का खास महत्व होता है। पूजा के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को हल्दी-चावल लगाए। उन्होंने अखंड सौभाग्य और संतान सुख की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं। इस अवसर पर सतरुपा सिन्हा, प्रियंका शार्दुल, राधा नेताम, सावित्री शार्दुल, उर्मिला शार्दुल, भोज दीवान, टिकेश्वरी दीवान, सुन्धो दीवान, अमर दीवान, भवानी दीवान, शैलेंद्र सिंहा, माधुरी सिंहा, दुलारी दीवान, लक्ष्मी दीवान, वेद कुमारी नाग, लक्ष्मी पांडे, सुप्रिया नेताम, तुलसी मरकाम, हसतीना शार्दुल, ज्योति दीवान, गोली पांडे, चंद्रकला दीवान, चित्रलेखा सरकार सहित कई अन्य महिलाएं मौजूद थीं।




















































