
बहराइच के महसी क्षेत्र में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जानकीनगर, टंचपुरवा, जोधेपुरवा और महंतपुरवा जैसे गांवों में लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। इस आपदा के बीच मंगलवार को महसी तहसील मुख्यालय पर 245 बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री और खाद्यान्न बांटा गया। बाढ़ प्रभावित गांवों के जगदीश यादव, बिमला, पूरे प्रसाद सिंह और सिपाही लाल चंदा यादव ने बताया कि अधिकारियों ने उनके गांवों का दौरा किया था। इसके बाद तहसील प्रशासन ने उन्हें आटा, दाल, चावल, आलू, बिस्किट, तिरपाल, बाल्टी और मग जैसी जरूरी चीजें दीं। ग्रामीणों ने इस मदद के लिए सरकार और अधिकारियों का आभार जताया। महसी के एसडीएम राजेश कुमार अग्रवाल और नानपारा चीनी मिल के डायरेक्टर अखंड प्रताप सिंह ‘गोलू’ ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी। एसडीएम ने बच्चों को बिस्किट दिए और सभी से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी प्रभावितों को मदद मिल चुकी है और जरूरत पड़ने पर और सामग्री दी जाएगी। डायरेक्टर अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार हर संभव मदद के लिए तैयार है और हालात पर रोज नजर रखी जा रही है। इस दौरान तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया और मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ला समेत कई अधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। घाघरा नदी में सोमवार को 3,75,269 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो मंगलवार को घटकर 3,59,939 क्यूसेक हो गया। इसके बावजूद नदी अभी भी खतरे के निशान से 48 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इससे नदी के किनारे वाले इलाकों में परेशानी बनी हुई है।





































