कानपुर: कानपुर के प्रतिष्ठित दवा व्यवसायी विनीत मिनोचा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस की तफ्तीश अब बेटे सुब्रत की ओर घूम गई है। पुलिस की विशेष टीमें सुब्रत की संलिप्तता के साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। इस वीभत्स हत्याकांड की मुख्य सूत्रधार और मृतक की बहू शालू को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसने 6 लाख रुपये की सुपारी देकर पूर्व कर्मचारी से इस जघन्य वारदात को अंजाम दिलवाया था। पुलिस आयुक्त के अनुसार, सुब्रत और शालू दोनों ही मुख्य शूटर विशाल गौतम उर्फ शुभम के निरंतर संपर्क में थे।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड से खुली बेटे की संदिग्ध भूमिका
पुलिस जांच में सामने आया कि जब शुरुआत में हत्यारोपी विशाल गौतम और उसके सहयोगी राजकिशोर कुमार को गिरफ्तार किया गया, तब उन्होंने सीधे तौर पर शालू का ही नाम लिया था। परंतु दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की गहन जांच करने पर स्पष्ट हुआ कि सुब्रत भी हत्यारों से सीधे संवाद में था। पुलिस अब सुब्रत के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटा रही है, जिसके आधार पर उसकी भी जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।
पहले सड़क दुर्घटना में मारने की थी खौफनाक साजिश
पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआत में दवा कारोबारी को सड़क हादसे में मारने का ताना-बाना बुना गया था। हालांकि, भारी ट्रैफिक और पकड़े जाने के भय से योजना में बदलाव कर तकिए से दम घोंटने की रणनीति बनाई गई। वारदात वाले दिन जब कारोबारी ने विरोध किया और कमरे को बंद करने का प्रयास किया, तो हमलावरों ने चाकू से ताबड़तोड़ 26 से अधिक वार कर उनकी जीवन लीला समाप्त कर दी।
पार्टी की टाइमिंग और सीसीटीवी फुटेज से सुलझी गुत्थी
हत्याकांड की रात जब आरोपी वारदात को अंजाम दे रहे थे, ठीक उसी समय बेटा सुब्रत और बहू शालू एक लाउंज में आयोजित किटी पार्टी में मौजूद थे। पुलिस को आशंका है कि यह पार्टी जांच भटकाने और 'अलबी' (घटनास्थल से दूर रहने का सबूत) बनाने के लिए आयोजित की गई थी। अपार्टमेंट के सीसीटीवी कैमरों से खुलासा हुआ कि बेटे-बहू के घर से निकलते ही महज 10 मिनट के भीतर हत्यारोपी चाबी का इस्तेमाल कर आसानी से फ्लैट सी-104 में दाखिल हो गए थे।
क्या था पूरा मामला?
इंदिरानगर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में रहने वाले 63 वर्षीय विनीत मिनोचा शहर के शीर्ष दवा कारोबारियों में से एक थे। शनिवार देर रात जब वे घर पर अकेले थे, तब उनके ही पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम ने अपने साथी के साथ मिलकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल हुए और उन्होंने कबूला कि बहू शालू ने मोटी रकम का लालच देकर ससुर को रास्ते से हटाने का ठेका दिया था। फिलहाल रतन ऑर्बिट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस बहुकोणीय जांच में जुटी है।





































