श्रावस्ती जिले के सिरसिया ब्लॉक क्षेत्र के संभारपुरवा गांव में सड़क पर पड़ा कचरा हटा दिया गया है। नाली की सफाई के बाद मुख्य मार्ग पर कचरा छोड़ दिया गया था। इस बारे में दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे के भीतर ही सफाईकर्मी ने यह कार्रवाई की। कचरा हटने के बाद ग्रामीणों को गंदगी और बदबू से राहत मिली है। दरअसल, संभारपुरवा गांव में नालियों की सफाई के बाद गंदा कचरा मुख्य सड़क पर ही छोड़ दिया गया था। इस कचरे से आने-जाने वाले ग्रामीणों को दिक्कत हो रही थी। कचरे से बदबू फैल रही थी और मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही थी। ग्रामीणों को डर था कि बारिश होने पर यह कचरा फिर से नाली में चला जाएगा, जिससे पानी निकलने में परेशानी होगी। ग्रामीणों ने इस समस्या पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि गांव की नालियों की नियमित सफाई नहीं होती है। जब सफाई होती भी है, तो नाली से निकला कचरा अक्सर सड़क पर ही छोड़ दिया जाता है। इससे लोगों को गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ता है। दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर प्रकाशित होने के लगभग 24 घंटे के अंदर सफाईकर्मी रामकुमार संभारपुरवा पहुंचे। उन्होंने सड़क पर पड़े कचरे को हटाया और रास्ते की सफाई की। इसके बाद मुख्य सड़क साफ हो गई, जिससे राहगीरों को आने-जाने में हो रही दिक्कत से राहत मिली। कचरा हटने के बाद ग्रामीणों ने संतोष जताया। बाबा दीन गुप्ता, चुनमुन, इजराइल, पप्पू और अली जमा समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि खबर छपने के बाद समस्या पर तुरंत ध्यान दिया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि नालियों की नियमित सफाई हो। साथ ही, सफाई के बाद निकले कचरे को सड़क पर छोड़ने के बजाय सही तरीके से ठिकाने लगाया जाए। इससे गांव में पानी निकलने की व्यवस्था ठीक रहेगी और लोगों को गंदगी से परेशानी नहीं होगी।
श्रावस्ती जिले के सिरसिया ब्लॉक क्षेत्र के संभारपुरवा गांव में सड़क पर पड़ा कचरा हटा दिया गया है। नाली की सफाई के बाद मुख्य मार्ग पर कचरा छोड़ दिया गया था। इस बारे में दैनिक भास्कर में खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे के भीतर ही सफाईकर्मी ने यह कार्रवाई की। कचरा हटने के बाद ग्रामीणों को गंदगी और बदबू से राहत मिली है। दरअसल, संभारपुरवा गांव में नालियों की सफाई के बाद गंदा कचरा मुख्य सड़क पर ही छोड़ दिया गया था। इस कचरे से आने-जाने वाले ग्रामीणों को दिक्कत हो रही थी। कचरे से बदबू फैल रही थी और मच्छरों की संख्या भी बढ़ रही थी। ग्रामीणों को डर था कि बारिश होने पर यह कचरा फिर से नाली में चला जाएगा, जिससे पानी निकलने में परेशानी होगी। ग्रामीणों ने इस समस्या पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि गांव की नालियों की नियमित सफाई नहीं होती है। जब सफाई होती भी है, तो नाली से निकला कचरा अक्सर सड़क पर ही छोड़ दिया जाता है। इससे लोगों को गंदगी और बदबू के बीच से गुजरना पड़ता है। दैनिक भास्कर डिजिटल में खबर प्रकाशित होने के लगभग 24 घंटे के अंदर सफाईकर्मी रामकुमार संभारपुरवा पहुंचे। उन्होंने सड़क पर पड़े कचरे को हटाया और रास्ते की सफाई की। इसके बाद मुख्य सड़क साफ हो गई, जिससे राहगीरों को आने-जाने में हो रही दिक्कत से राहत मिली। कचरा हटने के बाद ग्रामीणों ने संतोष जताया। बाबा दीन गुप्ता, चुनमुन, इजराइल, पप्पू और अली जमा समेत कई ग्रामीणों ने बताया कि खबर छपने के बाद समस्या पर तुरंत ध्यान दिया गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि नालियों की नियमित सफाई हो। साथ ही, सफाई के बाद निकले कचरे को सड़क पर छोड़ने के बजाय सही तरीके से ठिकाने लगाया जाए। इससे गांव में पानी निकलने की व्यवस्था ठीक रहेगी और लोगों को गंदगी से परेशानी नहीं होगी।

















































