श्रावस्ती के जमुनहा ब्लॉक क्षेत्र में राप्ती नदी का कटान किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। लक्ष्मणपुर सेमरहनिया गांव के पास नदी का जलस्तर घटने-बढ़ने के साथ ही खेतों का लगातार कटान हो रहा है। तेज बहाव खेती की उपजाऊ मिट्टी को अपने साथ बहा ले जा रहा है। पिछले एक हफ्ते से कटान की रफ्तार तेज होने से किसान चिंतित हैं। बताया जा रहा है कि नदी अब आबादी और खेतों के बहुत करीब पहुंच गई है। खेतों के बड़े-बड़े हिस्से टूटकर नदी में मिल रहे हैं। स्थानीय किसान रामकिशोर यादव ने बताया कि उनका करीब 2 बीघा खेत पिछले दो सालों में ही नदी में बह चुका है। इस बार भी उनके गेहूं के खेत का आधा हिस्सा कटान की चपेट में है। वहीं, दूसरे किसान शिवप्रसाद वर्मा का कहना है कि हर साल बाढ़ के बाद राप्ती का कटान उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद कर देता है। इस बार तो बाढ़ से पहले ही कटान शुरू हो गया है। किसान अनिल कुमार मिश्रा ने बताया, “अगर प्रशासन ने जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया तो गांव के दर्जनों किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन नदी में बह जाएगी। हम लोग रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं।” ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती नदी हर साल बाढ़ और कटान के दौरान बहुत नुकसान करती है। कई परिवार तो पहले ही अपनी जमीन खो चुके हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और बाढ़ खंड विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर कटान वाले स्थान पर बोल्डर, जाली और बांस के सहारे पक्के बचाव के काम कराए जाएं। इससे उनकी बची हुई जमीन और फसलें बच सकेंगी।
उपजिलाधिकारी उतरौला व क्षेत्राधिकारी उतरौला द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत थाना...
*पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय* के पर्यवेक्षण में *उपजिलाधिकारी उतरौला श्री योगेन्द्र शरण...



















































