UP: बांदा में सामाजिक न्याय और आरक्षण के मुद्दे पर शुक्रवार को बांदा में भीम आर्मी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अपनी आवाज बुलंद की। भीम आर्मी भारत एकता मिशन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए वंचित वर्गों के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा और आरक्षण से जुड़ी मांगों को मजबूती से उठाया। संगठन ने कहा कि संविधान समानता,स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय का अधिकार देता है,लेकिन पिछड़े,अति-पिछड़े,दलित और आदिवासी समाज के लोगों को आज भी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक स्तर पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनके अधिकारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
UGC नियम-2026 लागू करने की मांग
ज्ञापन में उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण और प्रतिनिधित्व से जुड़े UGC नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई। इसके साथ ही पिछड़े वर्गों के उत्थान से संबंधित आयोग की लंबित सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग भी उठाई गई।
निजी क्षेत्र में आरक्षण और जातीय जनगणना की मांग
भीम आर्मी ने निजी क्षेत्र में SC,ST और OBC के लिए आरक्षण लागू करने तथा OBC के लिए अलग कॉलम के साथ जातीय जनगणना कराने की मांग रखी।संगठन ने EWS आरक्षण की समीक्षा कर उसे समाप्त करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की।
अत्याचार और भेदभाव पर कार्रवाई की मांग
संगठन ने दलितों, आदिवासियों और अन्य वंचित समुदायों के साथ होने वाले भेदभाव एवं अत्याचार की घटनाओं पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। कहा गया कि पीड़ित परिवारों को सुरक्षा,न्याय और उचित सहायता मिलनी चाहिए तथा संबंधित कानूनों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए।ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 15(4),15(5), 16(4),340,341 और 342 का हवाला देते हुए वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रभावी निर्देश जारी करने की मांग की गई। भीम आर्मी ने स्पष्ट किया कि सामाजिक न्याय,आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी आवाज आगे भी मजबूती से उठती रहेगी।
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