सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरनवार में लाखों रुपये खर्च कर एक सामुदायिक शौचालय बनवाया गया था। इसे ग्रामीणों की सुविधा और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यह बदहाल है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद कुछ समय तक व्यवस्था ठीक रही, पर देखरेख के अभाव में शौचालय की हालत लगातार खराब होती जा रही है। इससे सरकारी धन खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, सामुदायिक शौचालय के कई दरवाजे गायब हो चुके हैं। शौचालय के अंदर लगी टाइलें भी जगह-जगह से टूट गई हैं। बची हुई टाइलों पर गंदगी का अंबार लगा है। परिसर की नियमित साफ-सफाई नहीं होने से हर तरफ बदबू और गंदगी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मकसद से यह शौचालय बना था, वह यहां बेअसर दिख रहा है। गांव के राजेश, सुरेश, मनीष और सुभावती ने बताया कि शौचालय की खराब हालत लंबे समय से है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते इसकी साफ-सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई, तो इमारत और खराब हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग से शौचालय की जांच कराने, गायब दरवाजों को लगवाने, टूटी टाइलों की मरम्मत कराने और नियमित सफाई की व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान सावित्री देवी के प्रतिनिधि सदानंद चौधरी ने कहा कि सामुदायिक शौचालय की स्थिति की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी और साफ-सफाई की व्यवस्था भी कराई जाएगी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि स्वच्छता अभियान के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बाद भी अगर सार्वजनिक सुविधाएं इसी तरह नजरअंदाज की जाएंगी, तो गांवों को स्वच्छ बनाने का सरकारी मकसद कैसे पूरा होगा। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जिम्मेदारी तय करने और सामुदायिक शौचालय को जल्द ठीक करने की मांग की है।
सिद्धार्थनगर के बरनवार में सामुदायिक शौचालय बदहाल:लाखों खर्च के बाद भी दरवाजे गायब, टाइलें टूटीं और गंदगी का अंबार
सिद्धार्थनगर के खेसरहा क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरनवार में लाखों रुपये खर्च कर एक सामुदायिक शौचालय बनवाया गया था। इसे ग्रामीणों की सुविधा और स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब यह बदहाल है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद कुछ समय तक व्यवस्था ठीक रही, पर देखरेख के अभाव में शौचालय की हालत लगातार खराब होती जा रही है। इससे सरकारी धन खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, सामुदायिक शौचालय के कई दरवाजे गायब हो चुके हैं। शौचालय के अंदर लगी टाइलें भी जगह-जगह से टूट गई हैं। बची हुई टाइलों पर गंदगी का अंबार लगा है। परिसर की नियमित साफ-सफाई नहीं होने से हर तरफ बदबू और गंदगी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मकसद से यह शौचालय बना था, वह यहां बेअसर दिख रहा है। गांव के राजेश, सुरेश, मनीष और सुभावती ने बताया कि शौचालय की खराब हालत लंबे समय से है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते इसकी साफ-सफाई और मरम्मत नहीं कराई गई, तो इमारत और खराब हो सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग से शौचालय की जांच कराने, गायब दरवाजों को लगवाने, टूटी टाइलों की मरम्मत कराने और नियमित सफाई की व्यवस्था करने की मांग की है। वहीं, ग्राम प्रधान सावित्री देवी के प्रतिनिधि सदानंद चौधरी ने कहा कि सामुदायिक शौचालय की स्थिति की जानकारी ली जाएगी। उन्होंने बताया कि जो कमियां सामने आई हैं, उन्हें दूर करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाएगी और साफ-सफाई की व्यवस्था भी कराई जाएगी। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि स्वच्छता अभियान के नाम पर सरकारी धन खर्च होने के बाद भी अगर सार्वजनिक सुविधाएं इसी तरह नजरअंदाज की जाएंगी, तो गांवों को स्वच्छ बनाने का सरकारी मकसद कैसे पूरा होगा। उन्होंने उच्चाधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर जिम्मेदारी तय करने और सामुदायिक शौचालय को जल्द ठीक करने की मांग की है।































