सिद्धार्थनगर के खेसरहा इलाके में सवाडाड ग्राम पंचायत में नया अन्नपूर्णा भवन बन तो गया है, लेकिन अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का मुख्य निर्माण कार्य तो हो गया है, पर कुछ जरूरी काम अधूरे होने के कारण इसका ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि भवन पर अभी तक नामांकन का काम नहीं हुआ है। इसके अलावा शटर लगाने जैसे कई काम भी अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, अन्नपूर्णा भवन गांव में सरकारी योजनाओं के तहत अनाज और अन्य जरूरी चीजों के लिए बनाया गया है। अगर भवन बनने के बाद भी जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा के काम पूरे नहीं होते, तो इसका मकसद पूरा नहीं हो पाएगा। गांव के रविंदर, हरिश्चंद्र, दीनानाथ और पंकज ने मिलकर बताया कि भवन का निर्माण पूरा दिख रहा है, लेकिन कई जरूरी काम अब भी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि भवन का नामांकन न होने और शटर का काम अधूरा रहने से इसके इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके पर आकर जांच करने और अधूरे कामों को जल्द पूरा कराने की मांग की है, ताकि भवन का इस्तेमाल शुरू हो सके। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सरकारी भवनों का निर्माण सिर्फ ढांचा खड़ा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। भवन में सभी जरूरी काम पूरे कर उसे संबंधित विभाग को ठीक से सौंपा जाना चाहिए। अगर समय पर अधूरे काम पूरे नहीं हुए, तो भवन लंबे समय तक बेकार पड़ा रह सकता है। ग्राम प्रधान चंद्रेश यादव ने बताया कि भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो काम बचे हैं, उनके बारे में अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी और जल्द से जल्द अधूरे कामों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अन्नपूर्णा भवन की स्थिति की जांच कराकर शेष कार्य पूरा कराया जाए और भवन को उपयोग में लाया जाए, ताकि सरकारी धन से तैयार कराए गए इस भवन का लाभ ग्रामीणों को मिल सके।
सिद्धार्थनगर में अन्नपूर्णा भवन का निर्माण पूरा, फिर भी अधूरा:ग्रामीणों का आरोप, नामांकन और शटर का इंतजार; उपयोग नहीं हो पा रहा
सिद्धार्थनगर के खेसरहा इलाके में सवाडाड ग्राम पंचायत में नया अन्नपूर्णा भवन बन तो गया है, लेकिन अभी तक पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन का मुख्य निर्माण कार्य तो हो गया है, पर कुछ जरूरी काम अधूरे होने के कारण इसका ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि भवन पर अभी तक नामांकन का काम नहीं हुआ है। इसके अलावा शटर लगाने जैसे कई काम भी अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, अन्नपूर्णा भवन गांव में सरकारी योजनाओं के तहत अनाज और अन्य जरूरी चीजों के लिए बनाया गया है। अगर भवन बनने के बाद भी जरूरी सुविधाएं और सुरक्षा के काम पूरे नहीं होते, तो इसका मकसद पूरा नहीं हो पाएगा। गांव के रविंदर, हरिश्चंद्र, दीनानाथ और पंकज ने मिलकर बताया कि भवन का निर्माण पूरा दिख रहा है, लेकिन कई जरूरी काम अब भी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि भवन का नामांकन न होने और शटर का काम अधूरा रहने से इसके इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके पर आकर जांच करने और अधूरे कामों को जल्द पूरा कराने की मांग की है, ताकि भवन का इस्तेमाल शुरू हो सके। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सरकारी भवनों का निर्माण सिर्फ ढांचा खड़ा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। भवन में सभी जरूरी काम पूरे कर उसे संबंधित विभाग को ठीक से सौंपा जाना चाहिए। अगर समय पर अधूरे काम पूरे नहीं हुए, तो भवन लंबे समय तक बेकार पड़ा रह सकता है। ग्राम प्रधान चंद्रेश यादव ने बताया कि भवन का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो काम बचे हैं, उनके बारे में अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी और जल्द से जल्द अधूरे कामों को पूरा करने की कोशिश की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अन्नपूर्णा भवन की स्थिति की जांच कराकर शेष कार्य पूरा कराया जाए और भवन को उपयोग में लाया जाए, ताकि सरकारी धन से तैयार कराए गए इस भवन का लाभ ग्रामीणों को मिल सके।





























