श्रावस्ती के गिलौला कस्बे में खुटेहना से गिलौला जाने वाले संपर्क मार्ग पर एक बड़ा गड्ढा था। यह मार्ग एनएच-730 से जुड़ता है। मुख्य चौराहे के पास बड़े ट्रकों के लगातार आने-जाने से यह गड्ढा बन गया था। बारिश का पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कत हो रही थी। दैनिक भास्कर न्यूज ऐप पर खबर छपने के बाद प्रशासन ने इस गड्ढे को पत्थर और गिट्टी डालकर भर दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढा भरने के बाद अब तक उस पर डामर नहीं डाला गया है। इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खुटेहना की तरफ से आने वाले भारी ट्रक जब मुख्य चौराहे के पास गिलौला की ओर मुड़ते हैं, तो सड़क पर पड़ी गिट्टी और पत्थर वाहनों के दबाव से खिसकने लगते हैं। इससे आने वाले दिनों में यहां दोबारा गड्ढा बनने की आशंका है। स्थानीय निवासी रामगोपाल, दयाशंकर, करण गुप्ता, अरविंद शुक्ला और संचित ने बताया कि प्रशासन ने गड्ढे को गिट्टी और पत्थर से भरकर फौरी राहत दी है। लेकिन, स्थायी समाधान के लिए डामरीकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के आने-जाने से अगर सड़क पर डामर नहीं लगाया गया, तो गिट्टी जल्द ही हट जाएगी और सड़क फिर से खराब हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर गड्ढे वाली जगह पर जल्द से जल्द डामर डालकर सड़क की मरम्मत कराई जाए। इससे आवागमन ठीक रहेगा और लोगों को परेशानी नहीं होगी।
खुटेहना-गिलौला संपर्क मार्ग पर गड्ढा पाटा गया:डामर नहीं लगा, भारी वाहनों से फिर उखड़ने का खतरा
श्रावस्ती के गिलौला कस्बे में खुटेहना से गिलौला जाने वाले संपर्क मार्ग पर एक बड़ा गड्ढा था। यह मार्ग एनएच-730 से जुड़ता है। मुख्य चौराहे के पास बड़े ट्रकों के लगातार आने-जाने से यह गड्ढा बन गया था। बारिश का पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कत हो रही थी। दैनिक भास्कर न्यूज ऐप पर खबर छपने के बाद प्रशासन ने इस गड्ढे को पत्थर और गिट्टी डालकर भर दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि गड्ढा भरने के बाद अब तक उस पर डामर नहीं डाला गया है। इससे समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। खुटेहना की तरफ से आने वाले भारी ट्रक जब मुख्य चौराहे के पास गिलौला की ओर मुड़ते हैं, तो सड़क पर पड़ी गिट्टी और पत्थर वाहनों के दबाव से खिसकने लगते हैं। इससे आने वाले दिनों में यहां दोबारा गड्ढा बनने की आशंका है। स्थानीय निवासी रामगोपाल, दयाशंकर, करण गुप्ता, अरविंद शुक्ला और संचित ने बताया कि प्रशासन ने गड्ढे को गिट्टी और पत्थर से भरकर फौरी राहत दी है। लेकिन, स्थायी समाधान के लिए डामरीकरण जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारी वाहनों के आने-जाने से अगर सड़क पर डामर नहीं लगाया गया, तो गिट्टी जल्द ही हट जाएगी और सड़क फिर से खराब हो सकती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर गड्ढे वाली जगह पर जल्द से जल्द डामर डालकर सड़क की मरम्मत कराई जाए। इससे आवागमन ठीक रहेगा और लोगों को परेशानी नहीं होगी।





































