श्रावस्ती जिले के सिरसिया विकासखंड के अमरहवा गांव में रुक-रुककर हो रही बारिश से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। गांव में जगह-जगह पानी भर गया है और रास्तों पर कीचड़ फैल गया है। ग्रामीणों को रोज इसी पानी और कीचड़ के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है। बारिश के बाद गांव की गलियां और मुख्य रास्ते और खराब हो जाते हैं। गांव में पानी निकलने की सही व्यवस्था नहीं है। इस वजह से हल्की बारिश के बाद भी कई जगहों पर सड़क पर पानी जमा हो जाता है। मिट्टी और पानी मिलकर रास्तों को कीचड़ में बदल देते हैं। कई जगहों पर फिसलन भी रहती है, जिससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चलाने वालों को दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या काफी समय से बनी हुई है। अमरहवा के मुख्य रास्तों से रोज स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं। कीचड़ की वजह से स्कूली बच्चों के कपड़े और जूते खराब हो जाते हैं। रास्तों पर फिसलन के कारण लोगों को गिरने का डर भी बना रहता है। छोटकऊ ने बताया कि बारिश के दिनों में गांव की गलियों से निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है। जमाई ने बताया कि कई रास्तों पर पानी जमा होने से जरूरी काम के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वारिस अली का कहना है कि पानी भरने से ग्रामीणों को रोज परेशानी उठानी पड़ रही है। साबिर अली ने बताया कि बारिश बढ़ने पर हालात और खराब हो जाते हैं। सद्दाम अली ने बताया कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। नैमूल आर्य ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत और अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है। लेकिन, अभी तक कोई पक्का समाधान नहीं हो पाया है। खैराती, रामनरेश, छेदी राम आर्य और रामनरेश आर्य समेत कई और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत से मांग की है। उन्होंने पानी निकलने की सही व्यवस्था करने और खराब रास्तों को जल्द ठीक कराने की बात कही है।
अमरहवा गांव में जलभराव और कीचड़ से लोग परेशान:स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में दिक्कत, बीमारी फैलने का खतरा
श्रावस्ती जिले के सिरसिया विकासखंड के अमरहवा गांव में रुक-रुककर हो रही बारिश से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। गांव में जगह-जगह पानी भर गया है और रास्तों पर कीचड़ फैल गया है। ग्रामीणों को रोज इसी पानी और कीचड़ के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है। बारिश के बाद गांव की गलियां और मुख्य रास्ते और खराब हो जाते हैं। गांव में पानी निकलने की सही व्यवस्था नहीं है। इस वजह से हल्की बारिश के बाद भी कई जगहों पर सड़क पर पानी जमा हो जाता है। मिट्टी और पानी मिलकर रास्तों को कीचड़ में बदल देते हैं। कई जगहों पर फिसलन भी रहती है, जिससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चलाने वालों को दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या काफी समय से बनी हुई है। अमरहवा के मुख्य रास्तों से रोज स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक गुजरते हैं। कीचड़ की वजह से स्कूली बच्चों के कपड़े और जूते खराब हो जाते हैं। रास्तों पर फिसलन के कारण लोगों को गिरने का डर भी बना रहता है। छोटकऊ ने बताया कि बारिश के दिनों में गांव की गलियों से निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है। जमाई ने बताया कि कई रास्तों पर पानी जमा होने से जरूरी काम के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वारिस अली का कहना है कि पानी भरने से ग्रामीणों को रोज परेशानी उठानी पड़ रही है। साबिर अली ने बताया कि बारिश बढ़ने पर हालात और खराब हो जाते हैं। सद्दाम अली ने बताया कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से आसपास गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। इससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। नैमूल आर्य ने बताया कि इस समस्या को लेकर ग्राम पंचायत और अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई है। लेकिन, अभी तक कोई पक्का समाधान नहीं हो पाया है। खैराती, रामनरेश, छेदी राम आर्य और रामनरेश आर्य समेत कई और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत से मांग की है। उन्होंने पानी निकलने की सही व्यवस्था करने और खराब रास्तों को जल्द ठीक कराने की बात कही है।






































