उत्तर प्रदेश में लेखपालों की लंबित मांगें फिर से चर्चा में हैं। ज्ञापन और धरना-प्रदर्शन के बावजूद उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ है। लेखपाल संघ ने मुख्यमंत्री से इस मामले में जल्द फैसला लेने की अपील की है। लेखपालों से राजस्व, ऑनलाइन काम, विरासत, नामांतरण, पैमाइश, ई-गवर्नेंस, आपदा प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के सर्वे जैसे कई काम करवाए जा रहे हैं। हालांकि, उन्हें मिलने वाली सुविधाओं और भत्तों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। लेखपालों का कहना है कि दिनभर गांव-गांव जाकर काम करने के लिए ₹200 के यात्रा भत्ते में पेट्रोल, वाहन और दूसरे खर्च पूरे करना मुश्किल है। उन्हें सरकारी काम का खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि यात्रा/वाहन भत्ता ₹200 से बढ़ाकर ₹1500 हर महीने किया जाए। इसके साथ ही, स्टेशनरी भत्ता ₹100 से ₹500 और विशेष भत्ता ₹100 से ₹1000 हर महीने करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
बहराइच में लेखपालों को कम भत्ते में ड्यूटी करना मुश्किल:लंबित मांगों पर सुनवाई नहीं, सीएम से तत्काल निर्णय की अपील
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