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सल्टौआ क्षेत्र की सड़कों के किनारे गंदगी का अंबार:राहगीरों और स्कूली बच्चों के लिए बढ़ा बीमारी का खतरा

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सल्टौआ विकासखंड के औड़जंगल और खास अमरौली शुमाली गांवों से गुजरने वाली सड़क के दोनों किनारों पर गंदगी और खुले में शौच की समस्या बनी हुई है। सड़क किनारे झाड़ियों में जगह-जगह गंदगी फैली होने से राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। इस रास्ते से हर दिन दर्जनों गांवों के लोग और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे पैदल, साइकिल और स्कूल बसों से आते-जाते हैं। सड़क किनारे फैली गंदगी और बदबू के बीच से गुजरने के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बारिश के मौसम में यह हालात और खराब हो जाते हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को शौचालय बनाने के लिए सरकारी मदद मिलने के बावजूद सड़क किनारे खुले में शौच की स्थिति क्यों बनी हुई है? स्थानीय निवासी भगवान सिंह का कहना है कि अगर किसी परिवार के पास शौचालय नहीं है तो उसे सरकारी योजना का फायदा दिलाना चाहिए। अगर सुविधा है तो लोगों को उसके इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना भी पंचायत स्तर के अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सिर्फ लोगों को दोष देने से समस्या हल नहीं होगी। शौरभ कुमार पाण्डेय, बेचुराम गुप्ता, जवाहर चौधरी और राम प्रसाद चौधरी ने भी सड़क किनारे फैली गंदगी और खुले में शौच की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने सफाई व्यवस्था ठीक कराने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की जरूरत बताई। ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव और संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे गांवों में जाकर लोगों को स्वच्छता और शौचालय के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करें। साथ ही जिन परिवारों के पास शौचालय नहीं हैं उन्हें सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाकर सुविधा दी जाए। अब देखना यह है कि संबंधित ग्राम पंचायत, ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारी इस समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं। साथ ही सड़क किनारे फैली गंदगी और खुले में शौच की समस्या के हल के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।