
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के ककरहा रेंज में आने वाले गोपियां गांव में वन विभाग ने एक जागरूकता गोष्ठी रखी। इसका मकसद मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। डीएफओ अपूर्व दीक्षित के निर्देश पर हुई इस गोष्ठी में वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को बाघ और तेंदुए जैसे हिंसक जानवरों से बचने के तरीके बताए। ग्रामीणों को समझाया गया कि जंगल या उसके आसपास जाते समय खास सावधानी बरतें। उन्हें अकेले न जाने और जानवर दिखने पर घबराने या उसके पास जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि अगर गांव के आसपास जंगली जानवरों की हलचल दिखे तो तुरंत वन विभाग को बताएं। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खास ध्यान देने को भी कहा गया। गोष्ठी में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। उन्होंने वन विभाग द्वारा बताए गए सुरक्षा उपायों को ध्यान से सुना। इस दौरान मानव और जंगली जानवरों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और संघर्ष की घटनाओं को कम करने के लिए ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया गया।
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