
बहराइच के रंजीतपुर पावर हाउस पर शनिवार को बिजली कटौती के खिलाफ सैकड़ों उपभोक्ता सड़क पर उतर आए। वे अघोषित बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, बार-बार ट्रिपिंग और खराब बिजली लाइनों से परेशान थे। भारतीय जन संघर्ष मंच के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन के कारण करीब एक घंटे तक रास्ता जाम रहा। इससे लगभग एक किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच प्रदर्शनकारी बिजली व्यवस्था में तुरंत सुधार की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि इलाके में लंबे समय से बिजली सप्लाई खराब है। रात में कटौती, बार-बार फॉल्ट और लो-वोल्टेज से लोग बहुत परेशान हैं। उपभोक्ताओं ने बताया कि दो बार शांतिपूर्ण धरना देने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। इसलिए उन्होंने तीसरी बार यह प्रदर्शन किया। हालात बिगड़ते देख पुलिस-प्रशासन और बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने कई मांगें रखीं। इनमें अघोषित कटौती बंद करना, तय रोस्टर के हिसाब से बिजली देना, खराब तार बदलना, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाना शामिल था। उन्होंने कम से कम 18 घंटे नियमित बिजली सप्लाई की भी मांग की। काफी देर बातचीत के बाद बिजली विभाग के एसडीओ और जेई ने लिखित आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, अधिकारियों ने शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बिजली सप्लाई सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही, खराब लाइनों को बदलने का भरोसा भी दिया गया। इसके बाद प्रदर्शन खत्म हो गया। इस प्रदर्शन की अगुवाई आसिफ सिद्दीकी, देवेंद्र प्रताप सिंह और फरियाद अली ने की। शिवराम गुप्ता, विनोद जायसवाल, दिनेश गौतम, गोलू सिंह, दिलशाद अहमद और संतोष पाठक सहित कई उपभोक्ता वहां मौजूद थे। अब देखना होगा कि लिखित आश्वासन के बाद बिजली व्यवस्था सुधरती है या नहीं।





































