श्रावस्ती के गिलौला कस्बे में स्वच्छता व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहां नेहरू इंटर कॉलेज के बगल में कई दिनों से कूड़े का ढेर लगा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई न होने से कूड़ा लगातार जमा हो रहा है। बारिश के बाद कूड़े से उठने वाली बदबू ने छात्रों और आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्कूल जाने वाले छात्रों ने बताया कि कॉलेज के पास से गुजरते समय उन्हें बदबू से बचने के लिए मुंह ढककर जाना पड़ता है। छात्रों के मुताबिक, दोपहर की छुट्टी में भी वे बाहर निकलने से बचते हैं। कूड़े के ढेर से इतनी तेज बदबू आती है कि वहां खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासी अमर, लवकुश, राम गोपाल और अंकित जायसवाल ने बताया कि इसी रास्ते से रोजाना लोग आते-जाते हैं। सफाई ठीक से न होने से समस्या बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि कई दिनों से यहां कूड़े का ढेर जमा है। आसपास के लोग भी रोजाना उसी जगह कूड़ा फेंक देते हैं। बारिश में कूड़ा सड़ने से बदबू और फैल रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कूड़े के आसपास रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। बदबू के साथ गंदगी से संक्रमण और मच्छरों का खतरा भी है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द कूड़े के ढेर को हटवाने और नियमित सफाई की व्यवस्था कराने की मांग की है। एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत साफ-सफाई का अभियान चला रही है। वहीं, गिलौला कस्बे में स्कूल के बगल लगा यह कूड़े का ढेर व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कब तक ध्यान देता है और कूड़े के ढेर को हटाकर नियमित सफाई की व्यवस्था करता है।
गिलौला में स्कूल के बगल कूड़े का ढेर:बारिश में बदबू से छात्र और स्थानीय लोग परेशान, प्रशासन से मांग
श्रावस्ती के गिलौला कस्बे में स्वच्छता व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहां नेहरू इंटर कॉलेज के बगल में कई दिनों से कूड़े का ढेर लगा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नियमित सफाई न होने से कूड़ा लगातार जमा हो रहा है। बारिश के बाद कूड़े से उठने वाली बदबू ने छात्रों और आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्कूल जाने वाले छात्रों ने बताया कि कॉलेज के पास से गुजरते समय उन्हें बदबू से बचने के लिए मुंह ढककर जाना पड़ता है। छात्रों के मुताबिक, दोपहर की छुट्टी में भी वे बाहर निकलने से बचते हैं। कूड़े के ढेर से इतनी तेज बदबू आती है कि वहां खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासी अमर, लवकुश, राम गोपाल और अंकित जायसवाल ने बताया कि इसी रास्ते से रोजाना लोग आते-जाते हैं। सफाई ठीक से न होने से समस्या बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि कई दिनों से यहां कूड़े का ढेर जमा है। आसपास के लोग भी रोजाना उसी जगह कूड़ा फेंक देते हैं। बारिश में कूड़ा सड़ने से बदबू और फैल रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कूड़े के आसपास रहने वाले परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। बदबू के साथ गंदगी से संक्रमण और मच्छरों का खतरा भी है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द कूड़े के ढेर को हटवाने और नियमित सफाई की व्यवस्था कराने की मांग की है। एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत साफ-सफाई का अभियान चला रही है। वहीं, गिलौला कस्बे में स्कूल के बगल लगा यह कूड़े का ढेर व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या पर कब तक ध्यान देता है और कूड़े के ढेर को हटाकर नियमित सफाई की व्यवस्था करता है।






































