श्रावस्ती जनपद के सिरसिया विकासखंड की ग्राम पंचायत पंडित पुरवा के मजरा गैंडीह का मुख्य रास्ता जलभराव और कीचड़ से खराब है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पुलिस की गाड़ी और एंबुलेंस का गांव तक पहुंचना भी कठिन है। महेश शुक्ला ने बताया कि रास्ते पर पानी जमा रहने से रोजमर्रा के आने-जाने पर असर पड़ा है। पप्पू तिवारी ने कहा कि कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। इस्लाम अली और जंगबहादुर ने बताया कि बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। गणेश और राम जी ने कहा कि आपात स्थिति में ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। गुल्मा, रहीम और शकील ने बताया कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी बहुत मुश्किल होती है। ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले एक महिला की तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग उसे चारपाई पर बैठाकर करीब 800 मीटर तक पैदल ले गए। इसके बाद एंबुलेंस तक पहुंचने पर महिला को सिरसिया अस्पताल ले जाया जा सका। विजय, दूध नाथ और रामू ने रास्ते की हालत जल्द सुधारने की मांग की है। भगवान दीन, राजेश कुमार और नरेश कुमार समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से रास्ते से कीचड़ व जलभराव हटवाने और स्थायी रूप से रास्ता ठीक कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता ठीक होने से लोगों को आने-जाने के साथ आपात स्थिति में भी राहत मिलेगी।
पंडित पुरवा का मुख्य रास्ता जलभराव और कीचड़ से बदहाल:सिरसिया के गैंडीह मजरे में ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी, एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती
श्रावस्ती जनपद के सिरसिया विकासखंड की ग्राम पंचायत पंडित पुरवा के मजरा गैंडीह का मुख्य रास्ता जलभराव और कीचड़ से खराब है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में बहुत दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की हालत इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पुलिस की गाड़ी और एंबुलेंस का गांव तक पहुंचना भी कठिन है। महेश शुक्ला ने बताया कि रास्ते पर पानी जमा रहने से रोजमर्रा के आने-जाने पर असर पड़ा है। पप्पू तिवारी ने कहा कि कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। इस्लाम अली और जंगबहादुर ने बताया कि बारिश के दिनों में यह समस्या और बढ़ जाती है। गणेश और राम जी ने कहा कि आपात स्थिति में ग्रामीणों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। गुल्मा, रहीम और शकील ने बताया कि मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी बहुत मुश्किल होती है। ग्रामीणों के अनुसार, दो दिन पहले एक महिला की तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग उसे चारपाई पर बैठाकर करीब 800 मीटर तक पैदल ले गए। इसके बाद एंबुलेंस तक पहुंचने पर महिला को सिरसिया अस्पताल ले जाया जा सका। विजय, दूध नाथ और रामू ने रास्ते की हालत जल्द सुधारने की मांग की है। भगवान दीन, राजेश कुमार और नरेश कुमार समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से रास्ते से कीचड़ व जलभराव हटवाने और स्थायी रूप से रास्ता ठीक कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता ठीक होने से लोगों को आने-जाने के साथ आपात स्थिति में भी राहत मिलेगी।





































