नवी मुंबई में मालवाहक गाड़ियों, पैसेंजर गाड़ियों और दूसरी ट्रांसपोर्ट कैटेगरी की गाड़ियों की फिटनेस टेस्टिंग प्रोसेस अब और तेज़ और ट्रांसपेरेंट होने वाली है। नवी मुंबई RTO का बनाया गया ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) अगले हफ़्ते से शुरू होने वाला है।(Navi Mumbai RTO To Start Automated Vehicle Testing Station Next Week 12 Fitness Tests In 12 Minutes)
इस ऑटोमेटेड टेस्टिंग सेंटर का काम लगभग पूरा हो चुका है, और इसके चालू होने के बाद गाड़ी मालिकों का इंतज़ार का समय कम हो जाएगा, साथ ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने के प्रोसेस में इंसानी दखल भी कम होगा।
सिर्फ़ 12 मिनट में 12 टेस्ट
केंद्र सरकार के निर्देश पर, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन के ज़रिए ट्रांसपोर्ट कैटेगरी की गाड़ियों की फिटनेस टेस्टिंग करने का प्रोसेस शुरू कर दिया गया है।
अभी गाड़ियों की फिटनेस टेस्टिंग मैन्युअली की जाती है। इस वजह से हर गाड़ी में काफ़ी समय लगता है और टेस्टिंग ट्रैक पर गाड़ियों की लाइनें लग जाती हैं। लेकिन, नए ऑटोमेटेड सिस्टम में सिर्फ़ 12 मिनट में लगभग 12 अलग-अलग टेस्ट पूरे हो जाएँगे। अभी के प्रोसेस में लगभग 20 मिनट लगते हैं।
कौन से गाड़ियों के टेस्ट किए जाएँगे?
ATS मशीनों, कैमरों और कंप्यूटराइज़्ड सिस्टम के ज़रिए गाड़ी के सड़क पर चलने लायक होने की जाँच करेगा।
ब्रेक टेस्ट – ब्रेक की एफिशिएंसी और चारों पहियों पर ब्रेकिंग फोर्स चेक की जाएगी।
हेडलाइट अलाइनमेंट – हेडलाइट की इंटेंसिटी और लाइट का सही एंगल चेक किया जाएगा।
पॉल्यूशन टेस्ट – गाड़ी से निकलने वाले धुएं और एमिशन की मात्रा चेक की जाएगी।
साइड-स्लिप टेस्ट – गाड़ी के पहियों का अलाइनमेंट चेक किया जाएगा कि वह सही है या नहीं।
सस्पेंशन टेस्ट – शॉक एब्जॉर्बर और सस्पेंशन की एफिशिएंसी चेक की जाएगी।
हॉर्न और नॉइज़ टेस्ट – यह चेक किया जाएगा कि हॉर्न और इंजन की आवाज़ तय डेसिबल लिमिट के अंदर है या नहीं।
अंडरबॉडी इंस्पेक्शन – कैमरों की मदद से चेसिस, सस्पेंशन, स्टीयरिंग पार्ट्स और लीक चेक किए जाएंगे।
स्पीडोमीटर टेस्ट – यह चेक किया जाएगा कि स्पीडोमीटर सही स्पीड दिखा रहा है या नहीं।
गाड़ी की पहचान – चेसिस नंबर, इंजन नंबर और HSRP नंबर को VAHAN डेटाबेस से वेरिफाई किया जाएगा।
विज़ुअल इंस्पेक्शन – विंडशील्ड, ग्लास, रिफ्लेक्टिव टेप, इंडिकेटर्स, वाइपर्स, रियर-व्यू मिरर और टायर चेक किए जाएंगे।
इंजन इंस्पेक्शन – इंजन में होने वाली खराबी और एमिशन से जुड़ी जानकारी OBD स्कैनर से चेक की जाएगी।
सेफ्टी सिस्टम – गाड़ी में लगे इलेक्ट्रॉनिक सेफ्टी सिस्टम भी चेक किए जाएंगे।
प्रोसेस डिजिटल होगा
नवी मुंबई के डिप्टी रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर दत्तात्रेय संगोलकर के मुताबिक, सभी ट्रांसपोर्ट कैटेगरी की गाड़ियों का फिटनेस टेस्ट ATS के ज़रिए किया जाएगा।
ऑटोमेटेड और कंप्यूटराइज़्ड प्रोसेस यह पक्का करेगा कि गाड़ियों का टेस्ट तय क्राइटेरिया के हिसाब से किया जाए और इसे डिजिटली रिकॉर्ड किया जाएगा। इससे फिटनेस टेस्टिंग में ट्रांसपेरेंसी और एक जैसापन बढ़ने और देरी और इंसानी दखल कम होने की उम्मीद है।
इससे नवी मुंबई में गाड़ी मालिकों को फिटनेस सर्टिफिकेट लेने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है, जिससे प्रोसेस आसान हो जाएगा।
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