BREAKING
खबरें लोड हो रही हैं...
Home देश श्रावस्ती में बंदरों का आतंक, घर से खेत तक खतरा:फसलें बर्बाद कर...

श्रावस्ती में बंदरों का आतंक, घर से खेत तक खतरा:फसलें बर्बाद कर रहे, बच्चों-महिलाओं पर हमले का डर; ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगी मदद

0
0
श्रावस्ती में बंदरों का आतंक, घर से खेत तक खतरा:फसलें बर्बाद कर रहे, बच्चों-महिलाओं पर हमले का डर; ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगी मदद

श्रावस्ती के इकौना इलाके के कई गांवों में बंदरों का आतंक बढ़ गया है। बंदरों के झुंड से ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे परेशान हैं। घरों में खाना बनाना, छत पर अनाज सुखाना और खेतों में फसलों की रखवाली करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से इस समस्या से छुटकारा दिलाने की मांग की है। ग्रामीण महिला अंजू ने बताया कि उनके पास घर में बंदरों से बचाव के लिए जाली लगवाने के पैसे नहीं हैं। खाना बनाते समय उन्हें किचन का दरवाजा बंद रखना पड़ता है। मीना देवी ने बताया कि छत पर गेहूं सुखाना भी मुश्किल है, क्योंकि बंदरों का झुंड आते ही अनाज खराब करने लगता है। मुन्नी देवी के अनुसार, एक तरफ महंगाई है और दूसरी तरफ बंदरों ने परेशानी बढ़ा दी है। पहले वे घर और खेत के पास सब्जियां उगा लेते थे, लेकिन अब बंदर फसलें खराब कर देते हैं। इस वजह से उन्हें बाजार से महंगी सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं। दुलारी देवी ने बताया कि खेतों में धान की फसल लगी है, जिसे बंदरों के झुंड बर्बाद कर रहे हैं। उन्हें भगाने पर बंदर हमला करने दौड़ पड़ते हैं। एक बंदर के शोर मचाते ही पूरा झुंड इकट्ठा हो जाता है। जगत राम ने बताया कि जब वह पैदल खेत जा रहे थे, तब बंदरों ने उन्हें दौड़ा लिया था। उन्होंने किसी तरह अपनी जान बचाई। इकौना तहसील क्षेत्र के खरगौरा गणेश, कटरा, खरगूपुर, अमारेभरिया, कल्याणपुर, दसियापुर, राजगढ़, गुलहरिया, भटपुरवा खुर्द और चक्र भंडार जैसे कई गांवों में बंदरों का आतंक फैला हुआ है।