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शुद्ध आहार–मिलावट पर वार अभियान

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News Desk

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर के निर्देशन में प्रदेशभर में चलाए जा रहे “शुद्ध आहार–मिलावट पर वार” अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। अभियान के तहत ऑनलाइन फूड एवं ग्रोसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के स्टोर्स एवं वेयरहाउस की भी सघन जांच की जा रही है। इसी क्रम में जयपुर के आदर्श नगर स्थित ब्लिंकिट के डार्क स्टोर पर केंद्रीय दल ने औचक निरीक्षण कर बड़ी कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान करीब 800 पैकेट डेयरी उत्पाद सहित बड़ी मात्रा में खराब एवं अवधि पार खाद्य सामग्री मौके पर ही नष्ट करवाई गई। प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य  श्रीमती गायत्री राठौड़ के निर्देश एवं आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण श्री अविचल चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में संयुक्त आयुक्त श्री विजय प्रकाश शर्मा की मौजूदगी में केंद्रीय टीम ने फतेह टीबा, आदर्श नगर स्थित ब्लिंकिट वेयरहाउस (डार्क स्टोर) का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कोल्ड स्टोरेज में रखे जाने वाले खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के लिए निर्धारित तापमान मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया। जिन खाद्य पदार्थों को 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर रखा जाना चाहिए, उन्हें जिस कोल्ड स्टोरेज में रखा गया था, वहां तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस पाया गया। खाद्य सामग्री के निर्धारित तापमान से अधिक तापमान पर रखे जाने के कारण इनके असुरक्षित एवं दूषित होने की आशंका को देखते हुए खाद्य कारोबारकर्ता की सहमति से करीब 800 पैकेट मिल्क प्रोडक्ट मौके पर ही नष्ट करवाए गए।nनिरीक्षण के दौरान करीब 24 पैकेट अमूल बटर, 60 बोतल बॉम्बे बंटा जूस, लो-फैट दूध के 11 पाउच, ट्रॉपिकाना जूस, काउ घी का पैकेट तथा करीब 1400 मिलीलीटर अमूल टोंड मिल्क सहित क्षतिग्रस्त एवं अवधि पार खाद्य सामग्री भी पाई गई। विभागीय टीम द्वारा उक्त सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया गया। निरीक्षण के दौरान डार्क स्टोर एवं कोल्ड रूम के आसपास पान मसाला एवं जर्दा थूकने के निशान पाए गए। दीवारों पर गंदगी एवं थूक के निशान भी मिले। खाद्य सामग्री रखने के लिए लगाए गए कई लोहे के रैक टूटे हुए, गंदे एवं जंग लगे पाए गए।

डार्क स्टोर में एयर कर्टेन भी नहीं लगा हुआ था। डस्टबिन के स्थान पर खुली प्लास्टिक की बाल्टी का उपयोग किया जा रहा था। खाद्य हैंडलर्स के मेडिकल परीक्षण संबंधी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं पाए गए तथा खाद्य हैंडलर्स द्वारा ग्लव्स का उपयोग नहीं किया जा रहा था। इसके अतिरिक्त डीप फ्रिज में पानी भरा हुआ मिला तथा कुछ फूड प्रोडक्ट क्षतिग्रस्त स्थिति में पाए गए। अधिकारियों ने स्टोर प्रबंधन को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, तापमान नियंत्रण एवं स्वच्छता व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए केंद्रीय दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा मिल्क, फूड घी एवं पेपरबोट कार्बोनेटेड वाटर के एक-एक सैंपल खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लिए गए हैं। सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की मिलावट अथवा खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधित फर्म एवं ऑनलाइन कंपनी के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान पाई गई विभिन्न कमियों के संबंध में संबंधित प्रतिष्ठान को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन माध्यम से खाद्य पदार्थों की डिलीवरी करने वाले स्टोर्स एवं वेयरहाउस पर भी खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य है।