ग्राम पंचायत बिंदुहनी स्थित काली माता मंदिर की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप के बाद ग्रामीण नाराज हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह मंदिर गांव के लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां ग्रामीण नियमित रूप से पूजा करते हैं और धार्मिक आयोजनों में भी शामिल होते हैं। मंदिर परिसर की जमीन पर कब्जे की शिकायत के बाद श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार, मंदिर से जुड़ी जमीन धार्मिक कामों के लिए इस्तेमाल होती है। आरोप है कि कुछ लोग मंदिर की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। इससे मंदिर परिसर का स्वरूप बदलने की आशंका है। ग्रामीणों ने कहा कि धार्मिक स्थल की जमीन को सुरक्षित रखना प्रशासन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर मंदिर की जमीन की पैमाइश कराकर सही स्थिति साफ की जाए। यदि जांच में अवैध कब्जा पाया जाता है, तो उसे तुरंत हटाकर मंदिर की जमीन को कब्जे से मुक्त कराया जाए। ग्रामीणों सुखाई राम, फेरन, अर्जुन, प्रदीप, ननके आदि ने यह भी मांग की है कि भविष्य में मंदिर की जमीन पर दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए प्रशासन की ओर से जरूरी कदम उठाए जाएं। इस मामले को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है और वे प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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