
कजरी तीज से पहले भग्गड़वा सरयू घाट पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सरयू नदी में तेज बहाव को देखते हुए घाट को लोहे के एंगल और रस्सों की मदद से सुरक्षित किया गया है। श्रद्धालुओं को नदी में सुरक्षित सीमा से आगे जाने से रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है। हर साल कजरी तीज के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भग्गड़वा सरयू घाट पहुंचते हैं। यहां से शिव भक्त सरयू नदी में जल भरकर बागेश्वर नाथ और पृथ्वीनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पैदल जाते हैं। इस दौरान सड़क पर ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। इस बार सरयू में पानी का बहाव तेज होने के कारण प्रशासन ने एक दिन पहले ही सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली है। घाट पर व्यवस्था संभालने के लिए कार्यकर्ताओं की तैनाती रहेगी। लोहे के एंगल और रस्सों से बनाए गए सुरक्षा घेरे के जरिए श्रद्धालुओं को नदी के तेज बहाव वाले हिस्से में जाने से रोका जाएगा। श्रद्धालु नंगे पैर पैदल चलकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए हुजूरपुर और भग्गड़वा पुलिस बल भी तैनात रहेगा। आयोजन को देखते हुए घाट पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा पर भी ध्यान दिया जा रहा है। तेज बहाव के बीच किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए प्रशासन और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पहले से तैयारियां पूरी कर ली हैं।








































