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सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की फिर गुहार

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नई दिल्ली । पाकिस्तान बार-बार सिंधु जल संधि बहाल करने की गुहार लगा रहा है। भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर अपना सख्त रुख बरकरार रखा है। भारत के सख्त रवैये से पाकिस्तान खून के आंसू रो रहा है। अब पाकिस्तान इस मुद्दे को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंच गया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भारत के अप्रैल 2025 के फैसले पर चिंता जताते हुए, सिंधु का पानी देने की गुहार लगाई है। 

सिंधु जल संधि स्थगित किए जाने पर चिंता जताई

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान के लिए जीवनरेखा है। पाकिस्तान की 25 करोड़ से ज्यादा आबादी की जिंदगी इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने भारत से सिंधु जल संधि को बहाल करने की अपील करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। इशाक डार ने यह बयान अमेरिका में पाकिस्तानी दूतावास की ओर से आयोजित एक वर्चुअल सेमिनार में दिया।

बातचीत और सहयोग की बताई जरूरत

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने वाशिंगटन में एक सेमिनार को संबोधित करते हुए तीन-सूत्रीय तरीका बताया जिसमें 1960 की संधि को पूरी तरह से लागू करने और परमाणु हथियार रखने वाले इन पड़ोसी देशों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए संधि में तय तरीकों का इस्तेमाल करने की बात कही। सेमिनार को वर्चुअली संबोधित करते हुए डार ने कहा ‘पाकिस्तान और भारत को संधि के अनुसार तकनीकी बातचीत, पारदर्शिता और डेटा साझा करने की प्रक्रिया को फिर से शुरू और मजबूत करना चाहिए।’

जल संकट का दिया हवाला

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने अपने देश के बढ़ते जल संकट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पहले से ही दुनिया के सबसे ज्यादा जल-संकट वाले देशों में शामिल है। पिछले कई दशकों में देश में प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता में भारी गिरावट आई है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को भी बड़ी चुनौती बताया। डार ने कहा कि बारिश के बदलते पैटर्न, ग्लेशियरों के पिघलने, विनाशकारी बाढ़, लंबे समय तक चलने वाले सूखे और पानी के प्रवाह में बढ़ती अनिश्चितता ने पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को देखते हुए भारत और पाकिस्तान के बीच पानी के मुद्दे पर ज्यादा सहयोग होना चाहिए।

अपील के साथ भारत को चेतावनी भी

इशाक डार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन मांगने के साथ भारत को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत मिलने वाले पानी से वंचित किया गया तो इसका असर क्षेत्र की शांति और सुरक्षा पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि सिंधु नदी को टकराव की वजह नहीं बनना चाहिए. यह क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन और आजीविका का आधार है। डार ने साझा जल संसाधनों को हथियार की तरह इस्तेमाल न करने की अपील की।

पहलगाम हमले के बाद संधि स्थगित

बता दें कि भारत ने अप्रैल 2025 में विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली इस संधि को अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद स्थगित कर दिया था। इसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 हिंदू पर्यटकों की हत्या कर दी थी। भारत ने साफ कर रखा है कि ‘खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते हैं।’

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