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पड़ोसी रिश्तेदार दवा लेने के बहाने बाइक ले गया:श्रावस्ती में एक महीने बाद भी नहीं मिली, परिवार आर्थिक तंगी से परेशान

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पड़ोसी रिश्तेदार दवा लेने के बहाने बाइक ले गया:श्रावस्ती में एक महीने बाद भी नहीं मिली, परिवार आर्थिक तंगी से परेशान

श्रावस्ती के इटहिया गांव में दवा लेने के बहाने बाइक मांगकर ले गया पड़ोसी रिश्तेदार एक महीने बाद भी वापस नहीं लौटा। परिवार का आरोप है कि बाइक लेकर जाने के बाद वह पत्नी-बच्चों के साथ घर से फरार हो गया। काफी तलाश के बाद भी न बाइक का पता चला और न ही युवक का। परिवार ने 9 अगस्त को हरदत्त नगर गिरंट थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। शुक्रवार सुबह परिवार ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दूसरी बाइक खरीदना भी संभव नहीं है। दवा लेने की बात कहकर मांगी बाइक, फिर नहीं लौटा इटहिया गांव की रानी ने बताया कि 8 अगस्त की शाम करीब 7 बजे मल्हीपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर सेमरहनिया निवासी रमेश कुमार उनके घर आया था। रमेश उनके रिश्तेदार का पड़ोसी है। उसने दवा लेने जाने की बात कहकर हीरो एचएफ डीलक्स बाइक मांगी। परिवार ने भरोसा करके उसे बाइक दे दी। इसके बाद रमेश बाइक लेकर चला गया, लेकिन वापस नहीं आया। घर पहुंचे तो मिला ताला, फोन भी बंद था अगले दिन परिवार के लोग रमेश के घर पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। आसपास पूछताछ करने पर पता चला कि रमेश उसी रात पत्नी और बच्चों के साथ बाइक लेकर कहीं चला गया था। परिवार ने फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका नंबर बंद मिला। इसके बाद 9 अगस्त को हरदत्त नगर गिरंट थाने में शिकायत दी गई। एक महीने से तलाश, न बाइक मिली न युवक का पता परिवार के मुताबिक, शिकायत के बाद भी बाइक का पता नहीं चल सका है। संगीता ने बताया कि परिवार पिछले एक महीने से बाइक की तलाश में दर-दर भटक रहा है। जहां से भी कोई जानकारी मिलने की उम्मीद होती है, वहां जाकर पता करते हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। होटल में काम कर चलाते हैं घर, मेहनत से खरीदी थी बाइक परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। परिवार के मुखिया होटल में काम करके घर का खर्च चलाते हैं। काफी मेहनत और पैसे जोड़कर बाइक खरीदी गई थी। बाइक नहीं होने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। परिवार का कहना है कि फिलहाल उनके पास दूसरी बाइक खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। बड़े अधिकारियों से बाइक बरामद कराने की मांग पीड़ित परिवार ने पुलिस के बड़े अधिकारियों से मामले को गंभीरता से लेते हुए बाइक बरामद कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि लंबे समय से तलाश के बावजूद बाइक का पता न चलने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है।